हाल ही में, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन का विमान बुल्गारिया के प्लोवडिव हवाई अड्डे के पास एक तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ा। यह कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार इसे एक जानबूझकर हमले के रूप में देखा जा रहा है। बुल्गारियाई सरकार का कहना है कि यह इलेक्ट्रॉनिक हमला रूस से हो सकता है।
गौर करने वाली बात यह है कि इस तरह के GPS जामिंग हमले अब आम होते जा रहे हैं। जब भी कोई महत्वपूर्ण व्यक्ति यात्रा करता है, तो ऐसे तकनीकी मुद्दे उठते हैं। विमान के पास पहुंचने पर GPS सिग्नल का काम करना बंद कर देना थोड़ा अजीब है। इसमें कोई सस्पेंस नहीं है, बस एक और दिन, एक और कहानी।
रूस पर आरोप लगाना भी एक आम बात हो गई है। जब कुछ गलत होता है, तो सबकी नजरें सीधे रूस की ओर जाती हैं। क्या यह सच है या सिर्फ एक राजनीतिक खेल? कोई भी नहीं जानता। ये सब बहुत थकाऊ लगता है।
इससे पहले भी कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं, लेकिन क्या इससे कुछ बदलता है? शायद नहीं। लोगों को इसकी आदत हो गई है। ठीक वैसे ही जैसे हम रोज़ के कामों में उलझे रहते हैं।
इस तकनीकी समस्या के पीछे की सच्चाई क्या है? क्या वास्तव में कुछ गंभीर हो रहा है या यह सिर्फ एक संयोग है? कोई नहीं जानता। बस एक और दिन, एक और घटना।
क्या इस मामले का कहीं और भी असर होगा? शायद। लेकिन शायद नहीं भी। बस हम इसे पढ़ेंगे, चर्चा करेंगे, और फिर अगले मामले की ओर बढ़ जाएंगे।
#GPSJamming #उर्सुला #रूस #तकनीकीसमस्या #राजनीति
गौर करने वाली बात यह है कि इस तरह के GPS जामिंग हमले अब आम होते जा रहे हैं। जब भी कोई महत्वपूर्ण व्यक्ति यात्रा करता है, तो ऐसे तकनीकी मुद्दे उठते हैं। विमान के पास पहुंचने पर GPS सिग्नल का काम करना बंद कर देना थोड़ा अजीब है। इसमें कोई सस्पेंस नहीं है, बस एक और दिन, एक और कहानी।
रूस पर आरोप लगाना भी एक आम बात हो गई है। जब कुछ गलत होता है, तो सबकी नजरें सीधे रूस की ओर जाती हैं। क्या यह सच है या सिर्फ एक राजनीतिक खेल? कोई भी नहीं जानता। ये सब बहुत थकाऊ लगता है।
इससे पहले भी कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं, लेकिन क्या इससे कुछ बदलता है? शायद नहीं। लोगों को इसकी आदत हो गई है। ठीक वैसे ही जैसे हम रोज़ के कामों में उलझे रहते हैं।
इस तकनीकी समस्या के पीछे की सच्चाई क्या है? क्या वास्तव में कुछ गंभीर हो रहा है या यह सिर्फ एक संयोग है? कोई नहीं जानता। बस एक और दिन, एक और घटना।
क्या इस मामले का कहीं और भी असर होगा? शायद। लेकिन शायद नहीं भी। बस हम इसे पढ़ेंगे, चर्चा करेंगे, और फिर अगले मामले की ओर बढ़ जाएंगे।
#GPSJamming #उर्सुला #रूस #तकनीकीसमस्या #राजनीति
हाल ही में, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन का विमान बुल्गारिया के प्लोवडिव हवाई अड्डे के पास एक तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ा। यह कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार इसे एक जानबूझकर हमले के रूप में देखा जा रहा है। बुल्गारियाई सरकार का कहना है कि यह इलेक्ट्रॉनिक हमला रूस से हो सकता है।
गौर करने वाली बात यह है कि इस तरह के GPS जामिंग हमले अब आम होते जा रहे हैं। जब भी कोई महत्वपूर्ण व्यक्ति यात्रा करता है, तो ऐसे तकनीकी मुद्दे उठते हैं। विमान के पास पहुंचने पर GPS सिग्नल का काम करना बंद कर देना थोड़ा अजीब है। इसमें कोई सस्पेंस नहीं है, बस एक और दिन, एक और कहानी।
रूस पर आरोप लगाना भी एक आम बात हो गई है। जब कुछ गलत होता है, तो सबकी नजरें सीधे रूस की ओर जाती हैं। क्या यह सच है या सिर्फ एक राजनीतिक खेल? कोई भी नहीं जानता। ये सब बहुत थकाऊ लगता है।
इससे पहले भी कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं, लेकिन क्या इससे कुछ बदलता है? शायद नहीं। लोगों को इसकी आदत हो गई है। ठीक वैसे ही जैसे हम रोज़ के कामों में उलझे रहते हैं।
इस तकनीकी समस्या के पीछे की सच्चाई क्या है? क्या वास्तव में कुछ गंभीर हो रहा है या यह सिर्फ एक संयोग है? कोई नहीं जानता। बस एक और दिन, एक और घटना।
क्या इस मामले का कहीं और भी असर होगा? शायद। लेकिन शायद नहीं भी। बस हम इसे पढ़ेंगे, चर्चा करेंगे, और फिर अगले मामले की ओर बढ़ जाएंगे।
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