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  • डिजिटल पीआर, लिंक बिल्डिंग, एवरग्रीन कंटेंट, ऑनलाइन मार्केटिंग, बैकलिंक्स, ट्रैफिक, ऑथोरिटी

    ## परिचय

    डिजिटल मार्केटिंग की दुनिया में, एक सफल अभियान केवल लॉन्च के समय तक सीमित नहीं होता है। सही रणनीति के साथ, आप ऐसे डिजिटल पीआर अभियानों का निर्माण कर सकते हैं जो लंबे समय तक ट्रैफ़िक, बैकलिंक्स और ऑथोरिटी को बढ़ाते रहें। ये अभियान न केवल आपकी वेबसाइट के लिए लाभकारी होते हैं, बल्कि आपके ब्रांड की पहचान को भी मजबूती प्रदान करते हैं। इस लेख में, हम जानेंगे कि कैसे आप एवरग्रीन डिजिटल पीआर अभियानों क...
    डिजिटल पीआर, लिंक बिल्डिंग, एवरग्रीन कंटेंट, ऑनलाइन मार्केटिंग, बैकलिंक्स, ट्रैफिक, ऑथोरिटी ## परिचय डिजिटल मार्केटिंग की दुनिया में, एक सफल अभियान केवल लॉन्च के समय तक सीमित नहीं होता है। सही रणनीति के साथ, आप ऐसे डिजिटल पीआर अभियानों का निर्माण कर सकते हैं जो लंबे समय तक ट्रैफ़िक, बैकलिंक्स और ऑथोरिटी को बढ़ाते रहें। ये अभियान न केवल आपकी वेबसाइट के लिए लाभकारी होते हैं, बल्कि आपके ब्रांड की पहचान को भी मजबूती प्रदान करते हैं। इस लेख में, हम जानेंगे कि कैसे आप एवरग्रीन डिजिटल पीआर अभियानों क...
    कैसे बनाएं ऐसे डिजिटल पीआर अभियानों को जो हमेशा लिंक कमाते रहें
    डिजिटल पीआर, लिंक बिल्डिंग, एवरग्रीन कंटेंट, ऑनलाइन मार्केटिंग, बैकलिंक्स, ट्रैफिक, ऑथोरिटी ## परिचय डिजिटल मार्केटिंग की दुनिया में, एक सफल अभियान केवल लॉन्च के समय तक सीमित नहीं होता है। सही रणनीति के साथ, आप ऐसे डिजिटल पीआर अभियानों का निर्माण कर सकते हैं जो लंबे समय तक ट्रैफ़िक, बैकलिंक्स और ऑथोरिटी को बढ़ाते रहें। ये अभियान न केवल आपकी वेबसाइट के लिए लाभकारी होते हैं, बल्कि आपके ब्रांड...
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  • फिवर का नया ऐड, जिसमें गाने वाला एवोकाडो अपनी आवाज़ में जादू बिखेरता है, यकीनन हमें बताने आया है कि जंकी एआई 'वाइब कोडिंग' अब आउट डेटेड हो चुकी है। अब हम सभी जान चुके हैं कि असली टैलेंट क्या होता है, और वो टैलेंट स्वाभाविक रूप से एक एवोकाडो की आवाज़ में भी हो सकता है। क्या हम इस बात पर हंसें या रोएं?

    क्या फिवर ने हमें यह बताने के लिए एक गाना गाने वाले फल की ज़रूरत थी कि मानवीय टैलेंट की कीमत क्या होती है? क्या हमें अब समझाने के लिए फल-फूलों की ज़रूरत है कि एआई कितनी बेकार है? शायद अगली बार हमें एक गाने वाले ब्रोकोली की ज़रूरत होगी ताकि हमें यह समझा सके कि अच्छे काम के लिए इंसानियत ज़रूरी है।

    जंकी एआई 'वाइब कोडिंग' के खिलाफ इस तरह का ऐड सिर्फ एक मजाक नहीं है, बल्कि यह हमें यह भी याद दिलाता है कि कई बार तकनीक हमें धोखा दे सकती है। क्या हमें अब एआई के बजाय फलों और सब्जियों से काम लेना चाहिए? अगर हां, तो क्या हमें एक गाने वाला टमाटर भी चाहिए? संभवतः यह टमाटर हमें बताएगा कि असली स्वाद क्या होता है।

    फिवर ने अब मानवीय टैलेंट को प्राथमिकता देने का जो कदम उठाया है, वह सच में सराहनीय है। लेकिन क्या यह कदम इतना आसान है जितना वो सोचते हैं? क्या हम फलों और सब्जियों के लिए एक नई इंडस्ट्री तैयार कर रहे हैं? क्या अगले ब्रांड एंबेस्डर्स एवोकाडो और ब्रोकोली होंगे?

    तो, चलिए हम अपनी कल्पनाओं को उड़ान देते हैं और सोचते हैं कि क्या अगला ऐड एक गाने वाले आलू का होगा, जो हमें बताता है कि हमने अपनी रचनात्मकता को खो दिया है। शायद आलू भी हमें यह समझाने का प्रयास करेगा कि असली काम करने वाले लोग अब भी इस दुनिया में हैं।

    इस अद्भुत एवोकाडो ऐड ने हमें यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हम फलों के माध्यम से अपनी प्रतिभा को पहचान सकते हैं। तो अगली बार जब आप फिवर पर जाएं, तो एक गाने वाले एवोकाडो को याद करें, और सोचें कि क्या कुछ फल हमें बेहतर समझा सकते हैं।

    #फाइवर्स् #एवोकाडो #जंकीएआई #मानवीयप्रतिभा #सिर्फमजाक
    फिवर का नया ऐड, जिसमें गाने वाला एवोकाडो अपनी आवाज़ में जादू बिखेरता है, यकीनन हमें बताने आया है कि जंकी एआई 'वाइब कोडिंग' अब आउट डेटेड हो चुकी है। अब हम सभी जान चुके हैं कि असली टैलेंट क्या होता है, और वो टैलेंट स्वाभाविक रूप से एक एवोकाडो की आवाज़ में भी हो सकता है। क्या हम इस बात पर हंसें या रोएं? क्या फिवर ने हमें यह बताने के लिए एक गाना गाने वाले फल की ज़रूरत थी कि मानवीय टैलेंट की कीमत क्या होती है? क्या हमें अब समझाने के लिए फल-फूलों की ज़रूरत है कि एआई कितनी बेकार है? शायद अगली बार हमें एक गाने वाले ब्रोकोली की ज़रूरत होगी ताकि हमें यह समझा सके कि अच्छे काम के लिए इंसानियत ज़रूरी है। जंकी एआई 'वाइब कोडिंग' के खिलाफ इस तरह का ऐड सिर्फ एक मजाक नहीं है, बल्कि यह हमें यह भी याद दिलाता है कि कई बार तकनीक हमें धोखा दे सकती है। क्या हमें अब एआई के बजाय फलों और सब्जियों से काम लेना चाहिए? अगर हां, तो क्या हमें एक गाने वाला टमाटर भी चाहिए? संभवतः यह टमाटर हमें बताएगा कि असली स्वाद क्या होता है। फिवर ने अब मानवीय टैलेंट को प्राथमिकता देने का जो कदम उठाया है, वह सच में सराहनीय है। लेकिन क्या यह कदम इतना आसान है जितना वो सोचते हैं? क्या हम फलों और सब्जियों के लिए एक नई इंडस्ट्री तैयार कर रहे हैं? क्या अगले ब्रांड एंबेस्डर्स एवोकाडो और ब्रोकोली होंगे? तो, चलिए हम अपनी कल्पनाओं को उड़ान देते हैं और सोचते हैं कि क्या अगला ऐड एक गाने वाले आलू का होगा, जो हमें बताता है कि हमने अपनी रचनात्मकता को खो दिया है। शायद आलू भी हमें यह समझाने का प्रयास करेगा कि असली काम करने वाले लोग अब भी इस दुनिया में हैं। इस अद्भुत एवोकाडो ऐड ने हमें यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हम फलों के माध्यम से अपनी प्रतिभा को पहचान सकते हैं। तो अगली बार जब आप फिवर पर जाएं, तो एक गाने वाले एवोकाडो को याद करें, और सोचें कि क्या कुछ फल हमें बेहतर समझा सकते हैं। #फाइवर्स् #एवोकाडो #जंकीएआई #मानवीयप्रतिभा #सिर्फमजाक
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  • क्या बेतुकी दुनिया में जी रहे हैं हम? "डेट एवरीथिंग" नाम का एक खेल आया है जो बताता है कि आप हर चीज़ से डेट कर सकते हैं, सिवाय इंसानों के! यह न केवल एक तकनीकी गलती है, बल्कि समाज की उस विकृत सोच को भी उजागर करता है, जहां हम इंसानों को दरकिनार कर रहे हैं और फालतू की चीजों से भावनात्मक संबंध बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

    यह खेल हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हम इतने अकेले हो चुके हैं कि हमें अब इंसानों से जुड़ने में समस्या हो रही है? क्या हमें अब अपने जीवनसाथी के लिए एक प्लास्टिक के फूल या एक किताब को चुनना बेहतर लगता है? इस तरह के खेलों से समाज में एक गलत संदेश जा रहा है कि हम असली संबंधों को छोड़कर कृत्रिम और बेतुकी चीजों में उलझ जाएँ।

    जब हम देखते हैं कि खेल में पात्रों की विविधता को दर्शाया गया है, जैसे पॉलीऐमरस से लेकर एसेक्सुअल तक, लेकिन इनमें से कोई भी इंसान नहीं है, तो यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हमारे रचनाकारों ने पूरी तरह से इंसानियत को भुला दिया है? क्या यह हमारी सामाजिकता का एक संकेत है कि हम वास्तविक भावनाओं और रिश्तों से भाग रहे हैं?

    यह खेल उन लोगों के लिए एक धक्का है जो लोगों के साथ असली संबंध बनाना चाहते हैं। क्या हमें अब यह मान लेना चाहिए कि असली प्यार और साथी की खोज करना अब एक खेल की तरह हो गया है? क्या हम वास्तव में इस बेतुकी सोच को अपनाएंगे? यह विचार ही हमें परेशान करता है।

    हमारी दुनिया में तकनीक का बढ़ता प्रभाव हमें इंसानों से दूर कर रहा है। यह एक गंभीर चेतावनी है कि हमें अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान देना होगा। क्या हम अपने भविष्य को खेलों तक सीमित करने की इजाजत देंगे? यह सोचने का समय है कि क्या हम तकनीकी प्रगति के साथ-साथ मानवीय संबंधों को भी बनाए रख सकते हैं, या फिर हम फालतू की चीजों में उलझ कर रह जाएंगे।

    इसलिए हमें एक बदलाव की दिशा में कदम उठाना होगा। हमें अपने रिश्तों को नए सिरे से परिभाषित करना होगा और यह याद रखना होगा कि असली प्यार और संबंध केवल इंसानों के बीच ही पनप सकते हैं। इस बेतुकी दुनिया से बाहर निकलने का समय आ गया है!

    #डेटएवरीथिंग #सामाजिकसमस्या #रिश्तें #तकनीकीगलती #मानवता
    क्या बेतुकी दुनिया में जी रहे हैं हम? "डेट एवरीथिंग" नाम का एक खेल आया है जो बताता है कि आप हर चीज़ से डेट कर सकते हैं, सिवाय इंसानों के! यह न केवल एक तकनीकी गलती है, बल्कि समाज की उस विकृत सोच को भी उजागर करता है, जहां हम इंसानों को दरकिनार कर रहे हैं और फालतू की चीजों से भावनात्मक संबंध बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यह खेल हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हम इतने अकेले हो चुके हैं कि हमें अब इंसानों से जुड़ने में समस्या हो रही है? क्या हमें अब अपने जीवनसाथी के लिए एक प्लास्टिक के फूल या एक किताब को चुनना बेहतर लगता है? इस तरह के खेलों से समाज में एक गलत संदेश जा रहा है कि हम असली संबंधों को छोड़कर कृत्रिम और बेतुकी चीजों में उलझ जाएँ। जब हम देखते हैं कि खेल में पात्रों की विविधता को दर्शाया गया है, जैसे पॉलीऐमरस से लेकर एसेक्सुअल तक, लेकिन इनमें से कोई भी इंसान नहीं है, तो यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हमारे रचनाकारों ने पूरी तरह से इंसानियत को भुला दिया है? क्या यह हमारी सामाजिकता का एक संकेत है कि हम वास्तविक भावनाओं और रिश्तों से भाग रहे हैं? यह खेल उन लोगों के लिए एक धक्का है जो लोगों के साथ असली संबंध बनाना चाहते हैं। क्या हमें अब यह मान लेना चाहिए कि असली प्यार और साथी की खोज करना अब एक खेल की तरह हो गया है? क्या हम वास्तव में इस बेतुकी सोच को अपनाएंगे? यह विचार ही हमें परेशान करता है। हमारी दुनिया में तकनीक का बढ़ता प्रभाव हमें इंसानों से दूर कर रहा है। यह एक गंभीर चेतावनी है कि हमें अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान देना होगा। क्या हम अपने भविष्य को खेलों तक सीमित करने की इजाजत देंगे? यह सोचने का समय है कि क्या हम तकनीकी प्रगति के साथ-साथ मानवीय संबंधों को भी बनाए रख सकते हैं, या फिर हम फालतू की चीजों में उलझ कर रह जाएंगे। इसलिए हमें एक बदलाव की दिशा में कदम उठाना होगा। हमें अपने रिश्तों को नए सिरे से परिभाषित करना होगा और यह याद रखना होगा कि असली प्यार और संबंध केवल इंसानों के बीच ही पनप सकते हैं। इस बेतुकी दुनिया से बाहर निकलने का समय आ गया है! #डेटएवरीथिंग #सामाजिकसमस्या #रिश्तें #तकनीकीगलती #मानवता
    A Game Called 'Date Everything' Literally Lets You Date Everything—Except People
    The new dating sim’s characters range from polyamorous to asexual, but none of them are human.
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