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27/08/1965
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क्या आप गंभीर हैं? "Super Mario Galaxy Movie" का ऐलान करना, और वो भी 2026 में? ये क्या मजाक है! पिछले फिल्म की कास्ट को वापस लाना और उन्हें फिर से एक बार "स्पेस" में भेजना, क्या इसे रचनात्मकता कहते हैं? यह तो बस एक बोरिंग और नीरस आइडिया है जिसे फिर से ताजा करने की कोशिश की जा रही है।
जब हम बात करते हैं "Super Mario" की, तो हमें याद आता है कि यह एक ऐसा फ्रेंचाइज़ है जिसने पीढ़ियों को जोड़ा है। लेकिन क्या फिल्म निर्माताओं ने कभी सोचा है कि दर्शकों की अपेक्षाएं क्या हैं? हमें एक नई कहानी, नए पात्र और नई चुनौतियाँ चाहिए। लेकिन नहीं, वे फिर से उसी पुरानी कहानी को लेकर आ रहे हैं, जिसमें वही सब कुछ होगा जो पहले भी हमने देखा है।
क्या कोई सोचता है कि एक बार फिर से "गैलेक्टिक" सेटिंग में जाना दर्शकों को खुश करेगा? यह तो बस एक रास्ता है दर्शकों को आकर्षित करने का, बिना किसी नई सोच या खोज के। "Super Mario" जैसे प्रतिष्ठित नाम के साथ यह एक बड़ी गलती है। यह फिल्म न केवल एक निराशाजनक अनुभव हो सकती है, बल्कि यह एक शर्मनाक पल भी है जब हम सोचते हैं कि निर्माता कितने सुस्त हो गए हैं।
सिर्फ इसलिए कि आपको एक सफल फ्रेंचाइज़ मिली है, इसका मतलब यह नहीं है कि आप दर्शकों को बेवकूफ बना सकते हैं। हमें एक बेहतरीन कहानी चाहिए, एक ऐसा अनुभव जो हमें "मारियो" की दुनिया में वापस ले जाए, न कि केवल एक ट्रेंड को फॉलो करने की कोशिश।
अंत में, हम सबको यह समझना चाहिए कि "Super Mario Galaxy Movie" का ऐलान सिर्फ एक मार्केटिंग स्ट्रेटेजी है। यह असली फिल्म प्रेमियों के लिए एक बड़ा धोखा है। इसे देखने के लिए कोई भी उत्साहित नहीं हो सकता जब तक कि कुछ नई और अनोखी चीजें नहीं दिखेंगी। हमें चाहिए कि निर्माता "स्पेस" में जाने के बजाय, एक नई दिशा की ओर कदम बढ़ाएं।
#SuperMarioGalaxy #फिल्मनिर्माण #मार्केटिंग #सिनेमा #नवाचारक्या आप गंभीर हैं? "Super Mario Galaxy Movie" का ऐलान करना, और वो भी 2026 में? ये क्या मजाक है! पिछले फिल्म की कास्ट को वापस लाना और उन्हें फिर से एक बार "स्पेस" में भेजना, क्या इसे रचनात्मकता कहते हैं? यह तो बस एक बोरिंग और नीरस आइडिया है जिसे फिर से ताजा करने की कोशिश की जा रही है। जब हम बात करते हैं "Super Mario" की, तो हमें याद आता है कि यह एक ऐसा फ्रेंचाइज़ है जिसने पीढ़ियों को जोड़ा है। लेकिन क्या फिल्म निर्माताओं ने कभी सोचा है कि दर्शकों की अपेक्षाएं क्या हैं? हमें एक नई कहानी, नए पात्र और नई चुनौतियाँ चाहिए। लेकिन नहीं, वे फिर से उसी पुरानी कहानी को लेकर आ रहे हैं, जिसमें वही सब कुछ होगा जो पहले भी हमने देखा है। क्या कोई सोचता है कि एक बार फिर से "गैलेक्टिक" सेटिंग में जाना दर्शकों को खुश करेगा? यह तो बस एक रास्ता है दर्शकों को आकर्षित करने का, बिना किसी नई सोच या खोज के। "Super Mario" जैसे प्रतिष्ठित नाम के साथ यह एक बड़ी गलती है। यह फिल्म न केवल एक निराशाजनक अनुभव हो सकती है, बल्कि यह एक शर्मनाक पल भी है जब हम सोचते हैं कि निर्माता कितने सुस्त हो गए हैं। सिर्फ इसलिए कि आपको एक सफल फ्रेंचाइज़ मिली है, इसका मतलब यह नहीं है कि आप दर्शकों को बेवकूफ बना सकते हैं। हमें एक बेहतरीन कहानी चाहिए, एक ऐसा अनुभव जो हमें "मारियो" की दुनिया में वापस ले जाए, न कि केवल एक ट्रेंड को फॉलो करने की कोशिश। अंत में, हम सबको यह समझना चाहिए कि "Super Mario Galaxy Movie" का ऐलान सिर्फ एक मार्केटिंग स्ट्रेटेजी है। यह असली फिल्म प्रेमियों के लिए एक बड़ा धोखा है। इसे देखने के लिए कोई भी उत्साहित नहीं हो सकता जब तक कि कुछ नई और अनोखी चीजें नहीं दिखेंगी। हमें चाहिए कि निर्माता "स्पेस" में जाने के बजाय, एक नई दिशा की ओर कदम बढ़ाएं। #SuperMarioGalaxy #फिल्मनिर्माण #मार्केटिंग #सिनेमा #नवाचारThe Super Mario Galaxy Movie Is Officially Announced For Spring 2026, Heading Into SpaceThe previous movie's cast returns, as the gang all heads off into space. The post <i>The Super Mario Galaxy Movie</i> Is Officially Announced For Spring 2026, Heading Into Space appeared first on Kotaku.0 Kommentare 0 Geteilt 2KB Ansichten 0 Bewertungen
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क्या हम अब भी तकनीकी कंपनियों की बेवकूफियों को सहन करने को मजबूर हैं? इस हफ्ते की गियर न्यूज़ ने हमें फिर से झकझोर दिया है। सैमसंग की त्रैफोल्ड वादे से लेकर आईकेया और सोनोस के विभाजन तक, यह साफ है कि ये कंपनियाँ हमें केवल दिखावे के लिए बेवकूफ बना रही हैं।
सैमसंग ने त्रैफोल्ड फोन का जो वादा किया है, वह सिर्फ एक मार्केटिंग चाल है। क्या हमें यकीन दिलाने की जरूरत है कि यह नया डिज़ाइन वास्तव में काम करेगा? हर बार जब वे नए उत्पाद लाते हैं, हमें एक ही समस्या का सामना करना पड़ता है - क्या ये वास्तव में उपयोगी हैं या सिर्फ एक और फैंसी खिलौना? सैमसंग के नए फोन की पतली आकृति सिर्फ एक दिखावा है, असली सवाल यह है कि क्या यह रोजमर्रा की ज़िंदगी में हमारी मदद करेगा या नहीं?
और फिर आता है एप्पल का आईओएस 26, जिसने बीटा ड्रामा के साथ हमें फिर से निराश किया है। क्या हमें हर बार नए संस्करण के लिए बेवकूफ बनाना कोई शौक है? क्या यह कोई मजाक है कि हम हर बार बग्स और समस्याओं के साथ जूझते रहें? जब हमारे फोन का अपडेट हमारी ज़िंदगी को और जटिल बना दे, तो फिर यह तकनीक का क्या फायदा है?
आईकेया और सोनोस का विभाजन भी समझ से परे है। क्या ये कंपनियाँ हमें यह बताने का प्रयास कर रही हैं कि वे कितनी बेकार हो गई हैं? जब हमें फर्नीचर और तकनीकी उत्पादों की आवश्यकता हो, तो हमें यह समझ में नहीं आता कि वे क्यों एक-दूसरे से अलग हो गए हैं। क्या उनके बीच कोई आपसी समझौता नहीं था? क्या यह केवल एक और मनी-मेकिंग स्कीम है?
इसके अलावा, वनप्लस ने पांच नए उपकरणों को पेश किया है। लेकिन क्या किसी को यह समझ में आता है कि क्या वे इन सभी उत्पादों को खरीदने के लिए मजबूर हैं? क्या यह केवल एक और उपभोक्तावाद की चाल है? हमें यह समझना होगा कि ये कंपनियाँ केवल मुनाफा कमाने के लिए खेल रही हैं, और हम सभी इस खेल में केवल मोहरे हैं।
अंत में, क्या हमें यह सोचने की जरूरत है कि हम किसके लिए अपने पैसे खर्च कर रहे हैं? क्या यह वास्तव में जरूरी है कि हम हर नए गैजेट का पीछा करें? हमें चाहिए कि हम इन कंपनियों के खिलाफ खड़े हों और उन्हें बताएं कि हम उनके बेतुके वादों को और नहीं सहन करेंगे।
#टेक्नोलॉजी #सैमसंग #आईओएस #वनप्लस #उपभोक्तावादक्या हम अब भी तकनीकी कंपनियों की बेवकूफियों को सहन करने को मजबूर हैं? इस हफ्ते की गियर न्यूज़ ने हमें फिर से झकझोर दिया है। सैमसंग की त्रैफोल्ड वादे से लेकर आईकेया और सोनोस के विभाजन तक, यह साफ है कि ये कंपनियाँ हमें केवल दिखावे के लिए बेवकूफ बना रही हैं। सैमसंग ने त्रैफोल्ड फोन का जो वादा किया है, वह सिर्फ एक मार्केटिंग चाल है। क्या हमें यकीन दिलाने की जरूरत है कि यह नया डिज़ाइन वास्तव में काम करेगा? हर बार जब वे नए उत्पाद लाते हैं, हमें एक ही समस्या का सामना करना पड़ता है - क्या ये वास्तव में उपयोगी हैं या सिर्फ एक और फैंसी खिलौना? सैमसंग के नए फोन की पतली आकृति सिर्फ एक दिखावा है, असली सवाल यह है कि क्या यह रोजमर्रा की ज़िंदगी में हमारी मदद करेगा या नहीं? और फिर आता है एप्पल का आईओएस 26, जिसने बीटा ड्रामा के साथ हमें फिर से निराश किया है। क्या हमें हर बार नए संस्करण के लिए बेवकूफ बनाना कोई शौक है? क्या यह कोई मजाक है कि हम हर बार बग्स और समस्याओं के साथ जूझते रहें? जब हमारे फोन का अपडेट हमारी ज़िंदगी को और जटिल बना दे, तो फिर यह तकनीक का क्या फायदा है? आईकेया और सोनोस का विभाजन भी समझ से परे है। क्या ये कंपनियाँ हमें यह बताने का प्रयास कर रही हैं कि वे कितनी बेकार हो गई हैं? जब हमें फर्नीचर और तकनीकी उत्पादों की आवश्यकता हो, तो हमें यह समझ में नहीं आता कि वे क्यों एक-दूसरे से अलग हो गए हैं। क्या उनके बीच कोई आपसी समझौता नहीं था? क्या यह केवल एक और मनी-मेकिंग स्कीम है? इसके अलावा, वनप्लस ने पांच नए उपकरणों को पेश किया है। लेकिन क्या किसी को यह समझ में आता है कि क्या वे इन सभी उत्पादों को खरीदने के लिए मजबूर हैं? क्या यह केवल एक और उपभोक्तावाद की चाल है? हमें यह समझना होगा कि ये कंपनियाँ केवल मुनाफा कमाने के लिए खेल रही हैं, और हम सभी इस खेल में केवल मोहरे हैं। अंत में, क्या हमें यह सोचने की जरूरत है कि हम किसके लिए अपने पैसे खर्च कर रहे हैं? क्या यह वास्तव में जरूरी है कि हम हर नए गैजेट का पीछा करें? हमें चाहिए कि हम इन कंपनियों के खिलाफ खड़े हों और उन्हें बताएं कि हम उनके बेतुके वादों को और नहीं सहन करेंगे। #टेक्नोलॉजी #सैमसंग #आईओएस #वनप्लस #उपभोक्तावादGear News of the Week: Samsung’s Trifold Promise, Ikea’s Sonos Split, and Hugging Face’s New RobotPlus: OnePlus debuts five new devices, iOS 26 has Beta drama, and Honor's new folding phone is slimmer than Samsung's.1 Kommentare 0 Geteilt 917 Ansichten 0 Bewertungen
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